कोढ़ा में नए कॉलेज की शुरुआत से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर
बिहार के सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड में नए राजकीय डिग्री कॉलेज की शुरुआत हो गई है। लंबे समय से उच्च शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे स्थानीय छात्र-छात्राओं के लिए यह किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
अब कोढ़ा और आसपास के गांवों के युवाओं को स्नातक की पढ़ाई करने के लिए दूर शहरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। घर के पास कॉलेज मिलने से छात्रों का समय और पैसा दोनों बचेंगे।
यह कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की उम्मीद है जिनके बच्चे आगे पढ़ना चाहते थे लेकिन दूरी और आर्थिक परेशानी के कारण उनकी पढ़ाई रुक जाती थी।
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| कटिहार के कोढ़ा प्रखंड में शुरू हुआ नया राजकीय डिग्री कॉलेज |
कोढ़ा में कॉलेज खुलने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
कटिहार जिले का कोढ़ा प्रखंड खेती-किसानी और मेहनतकश लोगों के लिए जाना जाता है। यहां के युवाओं में पढ़ाई को लेकर हमेशा उत्साह रहा है, लेकिन उच्च शिक्षा की सुविधा सीमित होने के कारण कई परेशानियां सामने आती थीं।
इंटरमीडिएट पास करने के बाद छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए कटिहार, पूर्णिया या दूसरे शहरों में जाना पड़ता था।
खासकर ग्रामीण परिवारों की बेटियों के लिए यह समस्या ज्यादा बड़ी थी। लंबी दूरी, आने-जाने की परेशानी और सुरक्षा को देखते हुए कई परिवार अपनी बेटियों की पढ़ाई आगे नहीं बढ़ा पाते थे।
नए राजकीय डिग्री कॉलेज की शुरुआत से अब इन समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुआ कॉलेज का उद्घाटन
कोढ़ा के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा, जब नए राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किया गया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कॉलेज का शुभारंभ किया।
उद्घाटन कार्यक्रम कटिहार के कोढ़ा प्रखंड के शिशिया स्थित +2 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय लोग, छात्र-छात्राएं, शिक्षक और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
बिहार सरकार की शिक्षा को लेकर बड़ी पहल
राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना बिहार सरकार की उस योजना का हिस्सा है जिसके तहत उन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है जहां पहले कॉलेज उपलब्ध नहीं थे।
सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा उनके अपने क्षेत्र में उपलब्ध हो सके।
कोढ़ा में कॉलेज खुलने से सीमांचल क्षेत्र में शिक्षा का स्तर मजबूत होने की उम्मीद है।
211 कॉलेज विहीन प्रखंडों को मिली नई उम्मीद
बिहार में लंबे समय से कई ऐसे प्रखंड थे जहां डिग्री कॉलेज नहीं थे। सरकार ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर उच्च शिक्षा संस्थान शुरू करने की दिशा में कदम उठाया है।
कोढ़ा भी इसी पहल का हिस्सा बना है।
इससे आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को उच्च शिक्षा के ज्यादा अवसर मिलेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
शिशिया बना शिक्षा के नए अध्याय का गवाह
कोढ़ा के शिशिया स्थित +2 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय का परिसर इस ऐतिहासिक शुरुआत का केंद्र बना।
इसी जगह से नए राजकीय डिग्री कॉलेज की शैक्षणिक यात्रा शुरू हुई।
उद्घाटन समारोह के दौरान पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पप्पू यादव ने बेटियों की शिक्षा पर दिया जोर
कार्यक्रम में पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
उन्होंने कॉलेज की शुरुआत को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और शिक्षा के महत्व पर अपनी बात रखी।
उन्होंने खास तौर पर लड़कियों की शिक्षा को लेकर कहा कि जब बेटियां शिक्षित होंगी तो पूरा समाज आगे बढ़ेगा।
उनके अनुसार शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और सम्मान के साथ जीवन जीने की ताकत देती है।
विधायक कविता देवी ने बताया ऐतिहासिक कदम
कोढ़ा की विधायक श्रीमती कविता देवी ने भी इस पहल का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि यह कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है।
अब गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चे भी आसानी से उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे।
उनका मानना है कि यह कदम कोढ़ा के विकास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला साबित होगा।
कॉलेज की सफलता के पीछे शिक्षकों और अधिकारियों की भूमिका
किसी भी बड़े बदलाव के पीछे कई लोगों की मेहनत होती है।
इस कॉलेज के उद्घाटन कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राजकीय डिग्री कॉलेज कोढ़ा के प्रभारी प्राचार्य डॉ. चन्द्रेश्वर कुमार मिश्रा ने व्यवस्थाओं को संभाला।
वहीं शिशिया +2 विद्यालय के प्रधानाध्यापक हृषिकेश राय ने कार्यक्रम संचालन की जिम्मेदारी निभाई।
नामांकन कब शुरू होगा?
कॉलेज शुरू होने के बाद अब छात्रों को नामांकन प्रक्रिया का इंतजार है।
शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से जल्द ही दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
नामांकन शुरू होने के बाद कोढ़ा और आसपास के क्षेत्र के छात्र-छात्राएं इस कॉलेज में प्रवेश लेकर अपनी उच्च शिक्षा की शुरुआत कर सकेंगे।
कोढ़ा के युवाओं के लिए क्यों खास है यह कॉलेज?
इस नए राजकीय डिग्री कॉलेज से कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं:
✅ छात्रों को घर के पास उच्च शिक्षा मिलेगी।
✅ आर्थिक बोझ कम होगा।
✅ बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा।
✅ ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का माहौल मजबूत होगा।
✅ युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।
निष्कर्ष: कोढ़ा में शुरू हुआ शिक्षा का नया दौर
कोढ़ा में राजकीय डिग्री कॉलेज की शुरुआत सीमांचल क्षेत्र के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है।
यह कॉलेज आने वाले वर्षों में हजारों युवाओं के सपनों को पूरा करने का माध्यम बन सकता है।
जिस इलाके के छात्रों को कभी उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता था, अब वहीं शिक्षा का नया केंद्र तैयार हो चुका है।
शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है और कोढ़ा को अब विकास की दिशा में बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार मिल गया है।
FAQs
Q1. कोढ़ा राजकीय डिग्री कॉलेज का उद्घाटन किसने किया?
उत्तर: बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया।
Q2. कोढ़ा में यह कॉलेज कहां शुरू हुआ है?
उत्तर: यह कॉलेज शिशिया स्थित +2 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में शुरू किया गया है।
Q3. कॉलेज खुलने से किसे फायदा होगा?
उत्तर: कोढ़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
Q4. क्या कॉलेज में नामांकन शुरू होगा?
उत्तर: हां, जल्द ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।


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